chena ka rasgulla kaise banaen sponge rasgulla Problem solution

Question1. 1 लीटर दूध में या 500 ग्राम दूध में कितने छेने के रसगुल्ले बनाए जा सकते हैं

Answer. 1 लीटर दूध में या 500 ग्राम दूध में रसगुल्ले बनाने की कोई गणित नहीं है, बल्कि आपके साइज पर डिपेंड करती है| आप छोटा बनाएंगे तो आपको ज्यादा छेने के रसगुल्ले मिलेंगे और यदि आप बड़े साइज के बनाएंगे तो आपको कम रसगुल्ले मिलेंगे| आपको रसगुल्ले बढ़ाने ही है, तो आप दूध को थोड़ा ज्यादा ले|

Question2. कभी-कभी छेने के रसगुल्ले फट जाते हैं ऐसा क्यों होता है?

या

छेने के रसगुल्ले का फटने का कारण(रसगुल्ला फटने का कारण

) क्या होता है ?

या

छेने के रसगुल्ले का पकाते समय फटने का कारण क्या होता है?

Answer. छेने के रसगुल्ले का फटना इसलिए होता है क्योंकि आपने छेने को अच्छे से चिकना होने तक मसला नहीं है| जैसे आप आटा लगाते हैं सेम उसी तरीके से आपको छेने को मसलना होता है और तब तक मसलना होता है, जब तक की गोलियां चिकनी ना बनने लगे| तो आप छेने को मसलते जाएं और बीच-बीच में एक छोटा सा टुकड़ा लेकर उसकी गोली बना लीजिए और फिर अगर वह चिकनी है तो वहीं पर छेने को मसलना बंद कर दे और यदि गोली चिकनी नहीं बनती है तो अभी आप और मसले, इससे आप की गोलियां चिकनी बनेगी फटेगी नहीं बाद में फटने वाली समस्या बिल्कुल नहीं होगी, यदि आपने शुरुआत में ही अपनी गोली को चिकना बनाया है बिना किसी मेहनत के|कभी-कभी ज्यादा पकाने से भी रसगुल्ले फट जाते हैं|

Question3. कभी-कभी छेने के रसगुल्ले साइज में डबल क्यों नहीं होते?

या

छेने के रसगुल्ले क्यों नहीं फूलते नहीं है?

या

छेने के रसगुल्ले बनाते समय फूलते नहीं है, क्यों?

Answer. जो छेने के रसगुल्ले होते हैं वह उबलते हुए चासनी में जब डाले जाते हैं, तो 4 से 5 मिनट के अंदर ही छेने के रसगुल्ले अपने साइज से डबल हो जाते हैं|  ऐसा पॉसिबल ही नहीं है कि वह फूल ना, लेकिन फिर भी यदि ऐसा होता है तो इसके पीछे का कारण यह है कि आपने टेंपरेचर मेंटेन नहीं किया है| छेने का रसगुल्ला बनाने की रेसिपी थोड़ी सी ट्रिकी है यहां पर यदि आप टेंपरेचर बनाए रखते हैं तो आप के रसगुल्ले अच्छे बनते हैं|

यदि आप घर में बना रहे हैं तो (वन बाई वन डालें) एक एक कर कर छेने के रसगुल्ले को  उबलते हुए चासनी में डालें| और यदि आप बड़े पैमाने पर बना रहे हैं तो जाहिर सी बात है आप बड़ा गैस या बड़ा स्टोव यूज कर रहे होंगे तो आप इकट्ठा डाल सकते हैं| क्योंकि घरों में छोटे स्टोव यूज़ होते हैं, तो एक-एक डालिए जिससे टेंपरेचर हमारे चासनी का एकाएक डाउन ना हो|जब आप इसे कड़ाही में डालें तो 4 से 5 मिनट के लिए अपने गैस को फुल रखें और जब यह साइज में डबल हो जाए तब आप इन्हें लो फ्लेम पर भी पका सकते हैं, लेकिन अच्छा होगा कि आप इसे फुल फ्लेम मैं बनाएं तो जाहिर सी बात है धीरे धीरे चासनी कम होगी क्योंकि पानी इवेपरेट होगा इसके लिए आप बीच-बीच में एक एक चम्मच नल का पानी (थोड़ा सा गुनगुना पानी) बीच-बीच में मिलाते चलें इससे होगा क्या टेंपरेचर भी डाउन नहीं होगा और चासनी भी कम नहीं होगी|और एक चीज और छेने के रसगुल्ले और एक चीज और जब छेने के रसगुल्ले बनाए जाते हैं तो उसको किसी बर्तन से नहीं धाकड़ बनाते बल्कि कुछ ऐसी ट्रिक्स अपनाई जाती है जिससे कि फैन से पूरा का पूरा छेने का रसगुल्ला ढका रहे, तब जो हमारे रसगुल्ले होते हैं वह अच्छे बनते हैं और फैन बनाने के लिए आप दो चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं, पहला मैदे का घोल दूसरा रीठे का पानी| थोड़ा ही डालना है दोनों में से कोई एक आप डाल सकते हैं| शुरुआत में डाल दीजिए तो इससे फैन पूरे टाइम बरकरार रहता है और जब फैन ऊपर आए तो उसमें थोड़ा सा पानी छिड़क दें या चम्मच से हिला दे|

 

Question 4. क्या हम फ्रिज में रखे दूध से छेने के रसगुल्ले बना सकते हैं?

या

अपने से ही फटे हुए दूध से क्या हम छेने के रसगुल्ले बना सकते हैं?

Answer. हां हम छेने के रसगुल्ले अपने से फटे हुए दूध से या फ्रिज में रखे हुए दूध से भी बना सकते हैं अगर बात की जाए 1 स्टैंडर्ड छेने के रसगुल्ले की तो वह हमेशा गाय के दूध से बनाए जाते हैं, गाय के दूध से जो छेना बनाया जाता है उससे छेने का रसगुल्ला बहुत ही सॉफ्ट और स्पंजी बनता है, लेकिन जरूरी नहीं कि बस हम गाय के दूध से ही बना सकते हैं बनाने के लिए हम भैंस के दूध से भी बना सकते हैं या किसी भी तरह के दूध को हम यूज करके बना सकते हैं, कोई खास फर्क नहीं होता | भैंस के दूध से भी अच्छे छेने के रसगुल्ले बनाए जा सकते हैं या हमारे पास जो भी घर में बचा हुआ दूध है उससे भी हम फाड़ कर या ऑटोमेटेकली फट गया है तो भी हम उसे छेने के रसगुल्ले बना सकते हैं|

Question5. छेने के रसगुल्ले स्पंजी क्यों नहीं बनते?

अथवा

छेने के रसगुल्ले स्पंजी और सॉफ्ट कैसे बनाए ?

अथवा

छेने के रसगुल्ले ठंडे होने के बाद हार्ड क्यों हो जाते हैं?

अथवा

छेने के रसगुल्ले हार्ड क्यों बनते हैं?

Answer. अगर हम यहां पर बात करें छेने के रसगुल्ले के बनने की प्रोसेस में तो जो हलवाई लोग होते हैं, वह कभी भी छेने के रसगुल्ले को बनाने के लिए छेने में कुछ भी ऐड नहीं करते, जैसे कि मैदा, अरारोट अथवा कॉर्न फ्लोर| और यदि वह ऐड भी करते हैं तो 50 लीटर दूध से बने या 25 लीटर दूध से बने छेने में वह एक से दो चम्मच मैदा या अरारोट या कॉर्नफ्लोर डालते हैं, जो कि ना के बराबर होता है| तो जो हमारे छेने के रसगुल्ले हार्ड बनते हैं उनके पीछे का रीजन यह होता है कि हमारे पास अरारोट, मैदा या कॉर्न फ्लोर को डालने का कोई हिसाब होता ही नहीं, कभी कभी ज्यादा हो जाता है इसके वजह से छेने के रसगुल्ले हार्ड हो जाते हैं| कभी भी यदि आप छेने का रसगुल्ला घर पर बनाएं तो छेने में कुछ भी ऐड करने की जरूरत नहीं होती| यदि आप सिर्फ और सिर्फ छेने को अच्छे से मसलकर चिकनी चिकनी गोलियां बनाकर टेंपरेचर मेंटेन करते हुए उबलते हुए चासनी में पकएंगे तो भी आपके छेने के रसगुल्ले बहुत ही टेस्टी, सॉफ्ट और स्पंजी बनेंगे|

 

Question6. छेने के रसगुल्ले फ्लैट क्यों हो जाते हैं?

या

छेने के रसगुल्ले का शेप खराब क्यों हो जाता है?

Answer.अगर हमने छेने के रसगुल्ले को बनाते समय टेंपरेचर मेंटेन नहीं किया, यानी कि अचानक से चाशनी को ज्यादा पानी डालकर ठंडा कर दिया अथवा डायरेक्टली गर्म गर्म चाशनी से निकालकर हमने उसे ठंडे चासनी में डाल दिया तो इससे ज्यादा चांस होते हैं कि जो हमारे छेने के रसगुल्ले बनते हैं उनकी शेप और साइज थोड़ी गड़बड़ हो जाती है लेकिन टेस्ट में कोई दिक्कत नहीं होती तो इससे बचने के लिए आप हमेशा अचानक से गर्म से ठंडे में ना डालें और ना ही ठंडे से गर्म में डालें थोड़ा सा पेशंस रखें और धीरे-धीरे, थोड़ा थोड़ा पानी डालकर बनाएंगे, टेंपरेचर डाउन नहीं होने देंगे तो आपके छेने के रसगुल्ले अपने साइज और शेप में भी बने रहेंगे|

 

Question7. छेने का रसगुल्ला अथवा फटे हुए दूध से रसगुल्ला अथवा पनीर से रसगुल्ला कैसे बनाते हैं ?

या

फटे हुए दूध से रसगुल्ला (फटे दूध की मिठाई बनाना) बनाने की विधि क्या है?

या

 

पनीर से रसगुल्ला बनाने की विधि क्या है?

या

 

दूध के रसगुल्ले(रसगुल्ला बनाने की विधि) कैसे बनाते हैं?

 

 

 

Answer. पनीर से दो से तीन तरह के रसगुल्ले बनाए जा सकते हैं| पहला छेना छेना रसगुल्ला बना सकते हैं, दूसरा कालाजाम बना सकते हैं, जो कि गुलाब जामुन की तरह ही बनता है बस आप उसमें खोए, मैदे के साथ थोड़ा सा पनीर भी लेते हैं बाकी सारे प्रोसेस गुलाब जामुन की तरह ही किए जाते हैं| छेने का रसगुल्ला (बीकानेर रसगुल्ला) पनीर के रसगुल्ले बनाने की विधि

1.सबसे पहले पनीर का या छेने का पानी अच्छे से निकाल ले मतलब अच्छे से छान लें किसी सूती कपड़े से या मलमल के कपड़े को यूज करके|

2.फिर आप उसमें बिना कुछ मिलाए (पनीर या छेने मै मैदा कभी भी ऐड ना करें अगर आपको थोड़ा बहुत ऐड करना ही है तो आप आरारोट कर ले लेकिन मैदा बिल्कुल ना करें)अच्छे से मसले ,जब तक कि आपकी छोटी-छोटी रसगुल्ले चिकने ना होने लगे| छेने को तब तक मसलना होता है, जब तक की गोलियां चिकनी ना बनने लगे

  1. इस मसले हुए छेने से या पनीर से हम छोटी-छोटी गोलियां बना लेते हैं|
  2. उबलते हुए चासनी में जब डाले जाते हैं, तो 4 से 5 मिनट के अंदर ही छेने के रसगुल्ले अपने साइज से डबल हो जाते हैं| और फिर उबलते हुए चासनी में इसे 10 से 15 मिनट के लिए पकाना होता है|
  3. जब आप इसे चासनी में पकाएं तो बीच-बीच में एक-एक चम्मच पानी डालते चलें, धीरे धीरे चासनी कम होगी क्योंकि पानी इवेपरेट होगा इसके लिए आप बीच-बीच में एक एक चम्मच नल का पानी (थोड़ा सा गुनगुना पानी) बीच-बीच में मिलाते चलें इससे होगा क्या टेंपरेचर भी डाउन नहीं होगा और चासनी भी कम नहीं होगी|
  4. एक चीज और जब छेने के रसगुल्ले बनाए जाते हैं तो है हमें किसी बर्तन से ढकना नहीं होता बल्कि कुछ ऐसी ट्रिक्स अपनाई जाती है जिससे कि फैन से पूरा का पूरा छेने का रसगुल्ला ढका रहे, और फैन बनाने के लिए आप दो चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं, पहला मैदे का घोल दूसरा रीठे का पानी| थोड़ा ही डालना है, दोनों में से कोई एक आप डाल सकते हैं| शुरुआत में डाल दीजिए तो इससे फैन पूरे टाइम बरकरार रहता है और जब फैन ऊपर आए तो उसमें थोड़ा सा पानी छिड़क दें या चम्मच से हिला दे|

 

  1. छेने के रसगुल्ले इस फैन से ढके रहेंगे, बहुत ही सॉफ्ट और स्पंजी बनेंगे |
  2. 10 से 15 मिनट पकाने के बाद इसे ठंडा कर ले और फिर आप कोई भी फ्लेवर डालकर इलायची अथवा गुलाब जल या केवड़ा एसेंस जो भी आपको पसंद हो आप सर्व कर सकते हैं|

Question8. दूध के रसगुल्ले मुख्य सामग्री \ छेना रसगुल्ला मुख्य सामग्री \ पनीर रसगुल्ला मुख्य सामग्री क्या हैं?

अथवा

पनीर के रसगुल्ले\ छेने के रसगुल्ले अथवा दूध के रसगुल्ले बनाने के लिए क्या-क्या इनग्रेडिएंट्स लेनी चाहिए?

अथवा

छेने के रसगुल्ले बनाने के लिए क्या-क्या चीजें लेनी होती है ?

Answer. छेने के रसगुल्ले अथवा पनीर के रसगुल्ले को बनाने के लिए आपको

  1. गाय का दूध ना हो तो भैंस का दूध भी चलेगा|
  2. नींबू अथवा व्हाइट विनेगर अथवा टारटरिक एसिड का पानी
  3. फटे हुए दूध को जानने के लिए सूती अथवा मलमल का कपड़ा
  4. चीनी, चासनी बनाने के लिए
  5. यदि आप को ऐड करना हो महक ले आने के लिए जैसे कि गुलाब जल अथवा केसर या इलायची पाउडर
  6. थोड़ा सा रीठा या मैदा (रीठे का पानी अथवा मैदे का पानी फैन बनाने के लिए)

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